Follow by Email

Followers

Monday, 22 June 2015

‘योग’पथ पर विश्व


अदभुत, अकल्पनीय, यक़ीनन विश्व रिकॉर्ड टूट गया.... दुनिया के 191 देशों ने विश्व योग दिवस मनाया.... एक दिन में पूरी दुनिया में किसी भी कार्य में इतने लोग नहीं जुटें होंगें.... निश्चित रूप से मैं गर्व की भावना से अभिभूत हूँ.... योग को वैश्विक पहचान दिलाने में कामयाब रहा भारत को आज यकीनन सुखद अनुभूति का अहसास हो रहा होगा....लेकिन क्या यह बिना राजनीति तड़के के नहीं हो सकता था.... जिस दिन यह घोषणा हुई कि 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाएगा, उसी दिन से इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई.... कांग्रेस को लगा मोदी इसका श्रेय ले जाएंगे तो उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की तस्वीर तक दिखा कर यह जताने की कोशिश की कि नेहरू जी के ज़माने से ही कांग्रेस योग करते रही है.... शीर्षासन की मुद्रा वाली तस्वीर दिखा कर चैलेंज तक किया कि यह मुद्रा करके दिखाए मोदी जी.... सूर्य प्रायाणाम को लेकर ऐसा बवाल मचा मनो क़यामत गई हो.... कभी-कभी तो मुझे लागता है कि भारत एक विरोध प्रिय देश है.... और विरोधी होना हमारा राष्ट्रीय चरित्र बन गया हो.... हर किसी बात पे बवाल.... पहले कोई एक काम शुरू करता है दूसरा आकर उसका विरोध शुरू कर देता है.... इतने में कोई तीसरा आकर कहता है कि अगर दूसरे ने पहले का किया काम शुरू नहीं किया तो वो देश से बाहर चले जाए.... उन्हें ये नहीं पता कि रमजान का पवित्र महीना शुरू होने के कारण अधिकांश मुस्लिम पहले से ही पांच वक़्त नमाज अदा करेंगे और योग वाली क्रिया ही दोहराएंगे.... लेकिन अगर यह हो जाता तो फिर योग को इतनी मीडिया हाईलाईट कैसे मिलती.... आखिर राजनीतिक बिरादरी हो या स्वम्भू धर्म के ठेकेदार, इन्होंने अपना काम ही विरोध करना बना लिया है... दरअसल, हमारी आदत है जिस चीज पर रोक लगे हम वही करने को मचल उठते हैं.... गरबा में प्रवेश बंद हो या मंदिर में, अस्पताल के पास हॉर्न बजाना हो या सीढ़ियों पर थूकना मना हो, मना करने पर मान जाएं तो हमारे बदन में ऐंठन होने लगती है.... इस देश में इंसान बिना योग के   तो रह सकता है, पर बिना नियम तोड़े नहीं.... ये हमारी फितरत है.... इसका किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है.... सरकार चाहे किसी पार्टी की हो एक खामी जरूर होती है. जनता का गला भले दबा ले नब्ज टटोलना नहीं सीख पाती….  सरकार अगर चाहती थी कि हर कोई योग करे तो योग पर रोक लगवा देती..... सरकार को कहना चाहिए था कि गैर हिन्दू सूर्य नमस्कार नही कर सकते.... एक बार ऐसा बोल के तो देखती.... फिर देखते गली-कूचों में लोग योग करेंते नजर आते..... तब जन्तर-मन्तर पर सूर्य नमस्कार करने वहीं गैर हिन्दू समुदाय पहले पांति में खड़े नज़र आते.... क्योंकि ये इंडिया है जनाब !




ट्विटर और फेसबुक पर जुड़ने के लिए क्लिक करें:-

https://www.facebook.com/sonu.kumar.75436


https://twitter.com/jhazone